Welcome To
श्री भगवती प्रसाद कन्या महाविद्यालय

महाविद्यालय का इतिहास


श्री भगवती प्रसाद कन्या महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1950 में स्व. बाबू महादेव प्रसाद जी रईस द्वारा अपने स्मृतिशेष पिता पुण्यात्मा स्व.भगवती प्रसाद जी रईस जो अपने समय के स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक थे,की इच्छापूर्ति हेतु की गई थी। अपने स्थापना काल से लेकर अबतक यह विद्यालय स्त्री-शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमानों को स्थापित करता हुआ छात्राओं के सम्पूर्ण विकास हेतु पूरी निष्ठा से क्रियाशील है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उo प्रo द्वारा मान्यता प्राप्त इस विद्यालय को वर्ष 1972 में शासन द्वारा वित्त-पोषित किया गया। इसमें माध्यमिक स्तर पर तीन वर्गों-मानविकी(Arts), वैज्ञानिक(Science) एवं व्यावसायिक(वोकेशनल) में शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय प्रबन्धक श्री अष्टभुजी दास अग्रवाल के स्नेहसिक्त, सामंजस्यपूर्ण, कुशल अभिभावकत्व तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रीना सिंह की दक्ष प्रशासनिक क्षमता एवं सकारात्मक नेतृत्व में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी निष्ठापूर्वक स्त्री शिक्षा के दायित्व का निर्वहन कर रहें हैं।

स्वर्गीय श्री भगवती प्रसाद जी विद्यालय के प्रणेता

(एक संक्षिप्त जीवन परिचय)


आज से लगभग 131 वर्ष पूर्व इस गोरक्षनाथ की पवित्र धरती पर आपका जन्म एक अत्यंत संपन्न और समृद्ध अग्रवाल परिवार में हुआ। जिस प्रकार चंदन का वृक्ष विषधरों के मध्य अप्रभावित रहता है, उसी प्रकार संपन्नता एवं वैभव में जन्म लेने के पश्चात भी आप वैभवजन्य विलासिता एवं आडंबर से अप्रभावित रहें। आप अत्यंत दयालु, परोपकारी एवं दीन-प्रेमी स्वभाव के व्यक्ति थे। आप निरंतर 12 वर्षों तक अपनी प्रजा को राजस्व वसूली से मुक्त रखा, उसे 15 लाख रुपए की सहायता पहुंचाई। सार्वजनिक एवं सामाजिक कार्यों में आपकी विशेष अभिरुचि तथा शिक्षा संस्थाओं के प्रति विशेष श्रद्धा के कारण आप निरंतर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दान देते रहे।

स्त्री शिक्षा की और आपका विशेष झुकाव था। आपकी दूरदर्शी दृष्टि इस बात का भली-भांति पूर्वानुमान कर चुके थी कि समाज का समुचित उत्थान स्त्री शिक्षा के बिना असंभव है। आपकी इसी महान विचारधारा के प्रेरणा स्वरूप आपने कन्या विद्यालय की स्थापना हेतु ₹3 लाख रुपए का दान दिया। आपकी इस महान कल्पना को मूर्त रूप प्रदान करने हेतु आपके गोलोकवास के 3 वर्ष पश्चात आपकी पुण्यतिथि को चिरस्थाई बनाने के लिए आप के सुयोग्य पुत्र महादेव प्रसाद जी 'रईस'' ने इस कन्या विद्यालय की स्थापना की।